रायसेन जिले के मण्डीदीप नगर मे घटी बहुत ही दुखत घटना:

रायसेन जिले के मण्डीदीप नगर मे घटी बहुत ही दुखत घटना:: मण्डीदीप नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मे गई एक मासूम बच्ची की जान बहुत खुश था वह परिवार जहां कल रात कुछ ही घंटो पहले मिली थी एक स्वास्थ्य जन्मी बच्ची की सुचना माता पिता की खुशियो का ठिकाना नही था अस्पताल मे मौजूद तीन नर्सो और दाई ने की इनाम देनी की बात तब बच्ची के जन्म की खुशी मे पिता ने दिये नगदी रूपये फिर कुछ समय बाद ही बच्ची की हालत नाजूक हुई और बच्ची ने दम ही छोड़ दिया । 
यह बात मण्डीदीप स्वास्थ्य केन्द्र मे नई नही ही पहले भी कई ऐसी घटनाये घट चुकिं है की कई बार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियो को जगाने का प्रयस भी किया जा चुका है परिणाम ज्यों कि त्यों ।
कल रात भी डॉक्टरो और स्टाफ की लापरवाही से एक मासूम बच्ची की जान चली गई खुशहाल परिवार मे मातम छा गया,
 जिम्मेदार अधिकारी और रायसेन कलेक्टर महोदय के पास समय ही नही है जिसमे वह मण्डीदीप सामुदायिक केन्द्र मे आकर लापरवाह डॉक्टर और स्टाफ को जिम्मेदारी से आगाह कर सके।
अस्पताल मे भर्ती प्रसुता के पति का कहना है:  हम मण्डीदीप से करीब 20 किलो मीटर चोरमऊ ग्राम पंचायत राजमऊ तहसील गौहरगंज में रहते है, हमारा गांव मैन रोड से  6 किलो मीटर दूर है , हमने जननी एक्सप्रेस को करीब रात 1बजे फोन लगाया था तब जाकर 2 बज के 45 मीनट पर गाड़ी आई थी , गाड़ी पर मौजूद ड्रायवर ने हमसे बदसलूकी में बात की, हम 4 बजे के करीब मण्डीदीप अस्पताल पहुंचे , अस्पताल मे नर्स के अलावा कोई भी डॉक्टर नहीं थे, 5 बजके 50 मीनट पर नोर्मल डिलेवरी हो गई डिलेवरी होने के  बाद मुझसे 1000 रूपये मांगे गये मैने बच्ची की खुशी मे दे दिये,  उन पैसो को दाई और नर्स ने बांटे हमको बताया गया था की आप का जच्चा बच्चा दोनों ठीक है ,
सुबह करीब 11बजे डाक्टर आये फिर उन्होंने जच्चा और बच्ची का चेकअप किया जिसमें बच्ची की हालत बहुत खराब बताई गई , डॉक्टर ने दूसरे रूम में स्पिट कर दिया फिर करीब 1,30 पर भोपाल हामीदिया हास्पीटल के लिए रेफर करने को कहा हमने हमीदिया जाने के लिए 108 को फोन लगाया 108 करीब 4 ,5 बजे पहुंची और मौजूद ड्राइवर बहुत धीरे धीरे गाडी चला रहा था जिससे बच्ची को सही समय पर उपचार नही मिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही बच्ची ने दम छोड़ दिया।।