<अच्छे काम में व्यवधान उत्पन्न होते हैं परन्तु दूरगामी परिणाम अच्छे आते हैं ।

भोपाल - आज पत्रकार भवन के नव निर्माण के लिए पत्रकारों की समिति से सुझाव मांगे जाने के लिए होटल पलाश में बैठक हुई भोपाल - आज पत्रकार भवन के नव निर्माण के लिए पत्रकारों की समिति से सुझाव मांगे जाने के लिए होटल पलाश में बैठक हुई ऊ पत्रकारों ने सुझाव दिए ‌
एक महत्वपूर्ण सुझाव दो या तीन सदस्यों ने रखा कि मिडिया सेंटर के स्थान पर पत्रकार भवन ही नाम रखा जाए ।
मैंने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हम भारतीय परंपरा के अनुसार मिडिया सेंटर के स्थान पर पत्रकार भवन नाम रखा जाए ।
राज्य सरकार के जनसंपर्क विभाग के द्वारा जारी किए गए प्रेस नोट में पत्रकार भवन ( मिडिया सेंटर ) लिखा गया है ।
     मेरे द्वारा दूसरा सुझाव दिया गया कि बनने बाले नवीन भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के कम से कम १५० से २०० पत्रकारों के बैठने की व्यवस्था हो ।
      तीसरा सुझाव दिया कि जिले एवं ग्रामीण अंचल से आने वाले पत्रकारों के लिए कम से कम १५ कमरों की व्यवस्था की जाए जिनका किराया अधिकतम २०० रुपए हो ।
बैठक में जनसंपर्क मंत्री श्री पी सी शर्मा ने कहा कि सभी के सुझावों पर विचार किया जाएगा ।
    अच्छे काम में व्यवधान उत्पन्न होते हैं परन्तु दूरगामी परिणाम अच्छे आते हैं ।
२०१४ में तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की इच्छा थी कि पत्रकार भवन बने परंतु एक व्यक्ति के न्यायालय में जाने के कारण भवन निर्माण में देरी हुई तब उस व्यक्ति को पत्रकार हितेषी कैसे माना जाए । खैर - देर आए दुरुस्त आए 
      लगता है कि इसी माह में मुख्यमंत्री कमलनाथ के द्वारा पत्रकार भवन के नव निर्माण के लिए भूमि पूजन के साथ निर्माण कार्य शुरू हो ।
राधावल्लभ शारदा
प्रदेश अध्यक्ष
एम पी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियनऊ पत्रकारों ने सुझाव दिए ‌
एक महत्वपूर्ण सुझाव दो या तीन सदस्यों ने रखा कि मिडिया सेंटर के स्थान पर पत्रकार भवन ही नाम रखा जाए ।
मैंने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हम भारतीय परंपरा के अनुसार मिडिया सेंटर के स्थान पर पत्रकार भवन नाम रखा जाए ।
राज्य सरकार के जनसंपर्क विभाग के द्वारा जारी किए गए प्रेस नोट में पत्रकार भवन ( मिडिया सेंटर ) लिखा गया है ।
     मेरे द्वारा दूसरा सुझाव दिया गया कि बनने बाले नवीन भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के कम से कम १५० से २०० पत्रकारों के बैठने की व्यवस्था हो ।
      तीसरा सुझाव दिया कि जिले एवं ग्रामीण अंचल से आने वाले पत्रकारों के लिए कम से कम १५ कमरों की व्यवस्था की जाए जिनका किराया अधिकतम २०० रुपए हो ।
बैठक में जनसंपर्क मंत्री श्री पी सी शर्मा ने कहा कि सभी के सुझावों पर विचार किया जाएगा ।
    अच्छे काम में व्यवधान उत्पन्न होते हैं परन्तु दूरगामी परिणाम अच्छे आते हैं ।
२०१४ में तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की इच्छा थी कि पत्रकार भवन बने परंतु एक व्यक्ति के न्यायालय में जाने के कारण भवन निर्माण में देरी हुई तब उस व्यक्ति को पत्रकार हितेषी कैसे माना जाए । खैर - देर आए दुरुस्त आए 
      लगता है कि इसी माह में मुख्यमंत्री कमलनाथ के द्वारा पत्रकार भवन के नव निर्माण के लिए भूमि पूजन के साथ निर्माण कार्य शुरू हो ।
राधावल्लभ शारदा
प्रदेश अध्यक्ष
एम पी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन