- मैंने कहा ठीक है हमें जैसा अच्छा लगेगा करेंगे
- किसी नेता का फोटो लगाकर पीछे प्रश्नचिन्ह लगादो
विभिन्न तरह की चर्चा का केंद्र बनेगा ।
पत्रकार जहां छवि बनाने का कार्य करता है वहां खराब भी कर सकता है ।
और इसके लिए लिखना कुछ नहीं सिर्फ फोटो लगाना है ।
एक बार सभी छोटे एवं मझोले समाचार पत्र करके तो देखें ।
मुझे एक घटना याद आ गई ।
बात पुरानी है जब स्व बाबूलाल गौर के पास ग्रह विभाग था मैं एक पत्रकार मित्र पर दर्ज प्रकरण की जांच के आदेश के लिए गौर साहब के पास गया और उनसे निवेदन किया कि प्रकरण की जांच सीआईडी से कराने के निर्देश देने का कष्ट करें ।
गौर साहब ने मना कर दिया मैंने उनसे आवेदन वापस ले लिया और मैंने कहा ठीक है हमें जैसा अच्छा लगेगा करेंगे ।
गौर साहब ने कहा क्या कर लोगे।
मैंने कहा कुछ नहीं समाचार पत्र के पहले पन्ने पर आपका एक फोटो लगा कर प्रशन वाचक चिन्ह लगा कर समाचार पत्र आपके आसपास बटवा देंगे ।
गौर साहब ने कहा कि इससे क्या होगा ।
मैंने कहा लोग आपके बारे में पूछते रहेगें कि क्या हो गया गौर साहब को ।हमारा कुछ नहीं जो कुछ जाना है आपका नाम ही जाना है ।
गौर साहब के समझ में आया और आवेदन लेकर डीजीपी को सीआईडी जांच का आदेश दे दिया ।
जांच पड़ताल के बाद हमारा मित्र दोशी नहीं निकला ।
यदि सभी समाचार पत्रों में किसी भी मंत्री , मुख्यमंत्री की फोटो लगाकर प्रकाशित करते हैं तो यह तय है कि सरकार आपके कदमों में होगी ।
अफसोस है कि हम सब एक साथ नहीं होते हैं ।
राधावल्लभ शारदा
प्रदेश अध्यक्ष
एम पी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन
२० - १२ - २०१९