पूर्व अभ्यास प्रधान आरक्षक रामसेवक दिसोरिया जी के नेतृत्व में किया जा रहा है


26 जनवरी 2020 का परेड अभ्यास भोपाल मे प्रारंभ  प्रधान आरक्षक रामसेवक दिसोरिया के द्वारा बैंड की कमांड सम्भाली गई ।
सीएएफ पुलिस बैंड की प्रथम वाहिनी, द्वितीय वाहिनी, छोटी वाहिनी,आठवी वाहिनी,दसवीं वाहिनी सम्मिलित बैंड कर्मचारियो द्वारा जनगणमन,सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तांन हमारा,जहां डाल डाल पे सोने की चिड़िया करती है बसेरा जैसे देशभक्ति गीतो पर पूर्व अभ्यास प्रधान आरक्षक रामसेवक दिसोरिया जी के नेतृत्व में किया जा रहा है
26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह पर मुख्यमंत्री कमलनाथ जी द्वारा भारतीय राष्ट्र ध्वज को फहराया जायेंगा हैं और इसके बाद सामूहिक रूप में खड़े होकर राष्ट्रगान गाया जाता है।
 गणतंत्र दिवस को पूरे देश में विशेष रूप से प्रदेश की राजधानी भोपाल में बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस अवसर के महत्व को चिह्नित करने के लिए हर साल एक भव्य परेड मुख्यमंत्री के झंडा वंदन के उपरांत आयोजित कि जाएगी


परेड में विभिन्न राज्यों की प्रदर्शनी भी होती हैं, प्रदर्शनी में हर राज्य के लोगों की विशेषता, उनके लोक गीत व कला का दृश्यचित्र प्रस्तुत किया जाता है। हर प्रदर्शिनी भारत की विविधता व सांस्कृतिक समृद्धि प्रदर्शित करती है। परेड और जुलूस राष्ट्रीय टेलीविजन पर प्रसारित होता है और देश के हर कोने में करोड़ों दर्शकों के द्वारा देखा जाता है


भारत में वर्ष 2020 का गणतंत्र दिवस 26 जनवरी, रविवार को मनाया जायेगा। इस साल 2020 में भारत अपना 71 वाँ गणतंत्र दिवस मनायेगा। भारत ने अपना पहला गणतंत्र दिवस 1950 में मनाया था।


गणतंत्र दिवस मनाने का इतिहास
वर्ष 1947 में 15 अगस्त को अंग्रेजी शासन से भारत को आजादी मिली थी। उस समय देश का कोई स्थायी संविधान नहीं था। पहली बार, वर्ष 1947 में 4 नवंबर को राष्ट्रीय सभा को ड्राफ्टिंग कमेटी के द्वारा भारतीय संविधान का पहला ड्राफ्ट प्रस्तुत किया गया था। वर्ष 1950 में 24 जनवरी को हिन्दी और अंग्रेजी में दो संस्करणों में राष्ट्रीय सभा द्वारा भारतीय संविधान का पहला ड्राफ्ट हस्ताक्षरित हुआ था।


तब 26 जनवरी 1950 अर्थात् गणतंत्र दिवस को भारतीय संविधान अस्तित्व में आया। तब से, भारत में गणतंत्र दिवस के रुप में 26 जनवरी मनाने की शुरुआत हुई थी। इस दिन भारत को पूर्णं स्वराज देश के रुप में घोषित किया गया था अत: पूर्णं स्वराज के वर्षगाँठ के रुप में हर वर्ष इसे मनाये जाने की शुरुआत हुई।


भारतीय संविधान ने भारत के नागरिकों को अपनी सरकार चुनने का अधिकार दिया। सरकारी हाऊस के दरबार हॉल में भारत के पहले राष्ट्रपति के रुप में डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद द्वारा शपथ लिया गया था। गणतंत्र दिवस मनाने के पीछे भारत के पास एक बड़ा इतिहास है।